in गणित
Quadratic Equation (द्विघात समीकरण)

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Pooja प्रशिक्षु

द्विघात समीकरणों को “द्विघात” नाम से परिभाषित किया जा सकता है जिसका अर्थ है “स्क्वायर”। एक द्विघात समीकरण में, एक चर, वर्ग में होता है। इस प्रकार के समीकरण को “घात 2 का समीकरण” भी कहा जाता है। बीजीय व्यंजक ax² + bx + c = 0, (जहाँ a ≠ 0, b, c ∈ R हो) के रूप में होने वाले समीकरण द्विघात समीकरण कहा जाता है।

गणित मे द्विघात समीकरण द्वितीय घात का एक बहुपद समीकरण होता है जिसका मानक समीकरण ax² + bx + c = 0 होता है जहाँ अनिवार्यतः a ≠ 0 (अन्यथा यह एक घातीय रेखीय समी० हो जायेगा)। वर्ण a, b और c गुणांक कहलाते हैं।

द्विघात समीकरण के मूल

किसी द्विघात समीकरण के दो (अलग होना आवश्यक नही) हल होते हैं जिन्हे द्विघात समीकरण के मूल या हल कह्ते हैं जिन्हे समी. {\displaystyle x={\frac {-b\pm {\sqrt {b^{2}-4ac}}}{2a}},} के द्वारा दिया जाता है जहां चिन्ह ± यह दर्शाता है कि

{\displaystyle x_{+}={\frac {-b+{\sqrt {b^{2}-4ac}}}{2a}}} और {\displaystyle \ x_{-}={\frac {-b-{\sqrt {b^{2}-4ac}}}{2a}}}


दो हल हैं।

विविक्तकर

उपरोक्त हल में वर्गमूल के अन्द‍र की राशि {\displaystyle \Delta =b^{2}-4ac,\,\!} को द्विघात समीकरण का विविक्तकर (Discriminant) कहते हैं।
यह प्राप्त मूलों की प्रकृति के बारे मे जानकरी देता है जो कि {\displaystyle \Delta </=/>0} के अनुसार होती है।

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