तुम क्यो लौट आई हो – Love poem in hindi for girlfriend

आज में आपको एक poem प्यार पर सुनाऊँगा जो कि एक प्रेमिका प्यार कर छोड़ गई फिर वो जिंदगी में वापिस आती है और मेरे जख्मो को फिर से कुरेदती है । लेकिन प्रेमी सच्चा प्यार करता है वो उस पर मर मिटने को तैयार है । तो पढ़िए मेरी कविता तुम क्यों लौट आई हो ।

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Love kavita in hindi

तुम क्यो लौट आई हो 

एक बार छोड़ के गई थी ना 

गरीब का दिल तोड़ गई थी ना

अकेला इन्ही राहो पर छोड़ गई थी ना

अब वापिश क्या लेने आई हो

हिज्र की राह में ओर आँशु देने आई हो क्या

जख्म हो रहे कम तो नमक लाई हो क्या

निभाने तो आई नही

कुछ तो राज है जो साथ अपने लाई हो क्या

लेकिन में फिर फना हो जाऊँगा

तू कहेगी तो बिक भी जाऊँगा

तेरे थोड़े से साथ के लिए में अपनी पूरी उम्र गवाऊंगा

मै फिर से तुझे सिद्दत से चाहूंगा

क्योकि मेरा प्यार सच्चा है

तेरे साथ या तेरे बगेर तेरे ही प्यार में मरजाउँगा

खुदा ना करे मिले तूझे दर्द

तेरे दर्दो को भी मै ही जर जाऊगा

आएगी मौत तेरी तो मै ही मर जाऊँगा

Tum kyo lot aai ho

Ekbar chhod ke gai thi na

Greeb kaa dil tod ke gai thi na

Akela inhi raho pr chhod ke gai thi na

Ab vapis kya lene aai ho

Hijr ki rah me or aanshu dene aai ho kya

Jakhm ho rahe hai km to namak laai ho kya

Nibhane to aai nhi

Kuch to raj hai saath apne laai ho kya

Lekin me fir fana ho jaayga

Tu kahegi to bik bhi jaaunga

Tere thode se saath ke liye me apni puri umar gavauga

Me fir se tujhe sidat se chahunga

Kyoki mera pyar sacha hai

Tere saath yaa tere bager tere hi pyar me mar jaaunga

Khuda naa kare mile tujhe drd

Tere drdo ko bhi me hi jr jaaunga

Aayegi mout teri to me hi mar jaaunga

लेखक :- कविन्द्र पूनिया

अगर आप को अच्छी लगे मेरी कविता तो आप अपना सुझाव comment में जरूर दे अगर कोई गलती हो उसके लिए क्षमा कर दे

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